अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने को लेकर इस्लामाबाद में मंगलवार को दूसरे दौर की बातचीत होने वाली है। लेकिन इससे पहले ईरान ने वहां अपने प्रतिनिधियों को भेजने से इनकार कर दिया है।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक जब तक ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक पाकिस्तान में बातचीत के लिए कोई डेलिगेशन नहीं भेजा जाएगा।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने धमकी देते हुए कहा कि ईरान के पास आखिरी मौका है। अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े हमले किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी डेलिगेशन सोमवार को बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंचेंगे।
ट्रम्प ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में पुष्टि की है कि उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान नहीं जाएंगे। वेंस ने 11-12 अप्रैल को ईरान से बातचीत में अमेरिकी डेलिगेशन का नेतृत्व किया था।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
- भारतीय जहाजों पर फायरिंग- ईरान ने होर्मुज में 2 भारतीय जहाजों पर फायरिंग की। 14 जहाज रोके गए, 13 वापस लौटे। भारत ने राजदूत को तलब कर विरोध जताया।
- होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद- ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए स्ट्रेट दोबारा बंद किया।
- US ने 2.6 करोड़ बैरल तेल जारी किया- सप्लाई संकट के बीच अमेरिका ने इमरजेंसी रिजर्व से 2.6 करोड़ बैरल तेल निकालकर कंपनियों को दिया।
- US-ईरान बातचीत का अगला दौर संभव- सोमवार को पाकिस्तान में नई बातचीत हो सकती है। दोनों पक्षों ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
- ट्रम्प बोले- नाकेबंदी जारी रहेगी- ट्रम्प बोले- समझौता करीब है, लेकिन डील होने तक ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी।
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लाइव अपडेट्स
IDF ने अपने नक्शे में लेबनान का हिस्सा दिखाया
इजराइल की सेना (IDF) ने पहली बार दक्षिण लेबनान में अपनी नई तैनाती लाइन का नक्शा जारी किया है। इसमें कई लेबनानी गांवों को अपने नियंत्रण में दिखाया है। नक्शे के मुताबिक, यह तैनाती लाइन सीमा से 5 से 10 किलोमीटर अंदर तक लेबनानी इलाके में फैली हुई है।
सेना ने बयान में कहा कि दक्षिण लेबनान में आगे की सुरक्षा लाइन के दक्षिण हिस्से में पांच डिवीजन और नौसेना की टीमें एक साथ काम कर रही हैं। इसका मकसद हिजबुल्लाह के ठिकानों को खत्म करना और उत्तरी इजराइल के इलाकों के लिए सीधे खतरे को रोकना है।
फ्रांस के राष्ट्रपति लेबनान के प्रधानमंत्री से मिलेंगे
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सोमवार को पेरिस में लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, यह दौरा लेबनान में सीजफायर का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने और देश की क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन के लिए हो रहा है।
यह घोषणा ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले ही फ्रांस ने लेबनान में एक फ्रांसीसी शांति सैनिक की मौत के लिए हिजबुल्लाह को जिम्मेदार ठहराया था।
पोप ने सीजफायर को उम्मीद की किरण बताया
पोप लियो ने इजराइल और लेबनान के बीच हुए सीजफायर की सराहना करते हुए इसे उम्मीद की किरण बताया है। उन्होंने कहा कि गुरुवार से लागू हुआ 10 दिन का सीजफायर सकारात्मक संकेत है। पिछले हफ्ते भी पोप ने दुनिया के नेताओं से कहा था कि वे युद्ध के बजाय शांति से मसले सुलझाएं और दुनिया में शांति बनाए रखने पर ध्यान दें।
अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा है कि ईरान के साथ होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बातचीत अच्छी चल रही है और समझौता ज्यादा दूर नहीं है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, राइट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प अलग-अलग तरीकों से दबाव और अनिश्चितता का इस्तेमाल कर बातचीत को आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस टकराव का अंत अच्छा होगा। साथ ही कहा कि स्ट्रेट दोबारा खुलने के बाद जहाजों की आवाजाही शुरू होने में थोड़ा समय लग सकता है लेकिन ज्यादा देरी नहीं होगी।
तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में बातचीत जारी रखने की इच्छा है लेकिन अभी भी कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।
तुर्किये में एक कार्यक्रम के दौरान फिदान ने कहा कि ईरान-अमेरिका की बातचीत के कारण लेबनान की स्थिति पर ध्यान कम हो रहा है और इजराइल इसका फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है।

ईरान ने वार्ता डेलिगेशन पर फैसला टाला
ईरान ने फिलहाल पाकिस्तान में बातचीत के लिए अपना डेलिगेशन भेजने का फैसला नहीं किया है। अल जजीरा के मुताबिक, ईरान ने कहा है कि जब तक अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखेगा तब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी।
ईरान बोला- अमेरिका की नाकेबंदी युद्ध अपराध है
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा है कि अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों और तट पर लगाई गई नाकेबंदी सीजफायर का उल्लंघन है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, इस्माइल ने कहा कि ईरानी जनता पर सामूहिक सजा थोपना युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध के बराबर है।
ईरान डेलिगेशन मंगलवार को इस्लामाबाद पहुंचेगा
ईरान का डेलिगेशन मंगलवार को अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंचेगा। CNN के मुताबिक, इस टीम में पिछली बार की तरह विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ शामिल हो सकते हैं।
अगर बातचीत ठीक रही और अमेरिकी राष्ट्रपति डोलाल्ड ट्रम्प इस्लामाबाद आने पर सहमत हुए तो ईरान के राष्ट्रपति भी वहां जा सकते हैं। ऐसे में दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की बैठक हो सकती है जिसमें ‘इस्लामाबाद घोषणा’ पर हस्ताक्षर किया जा सकता हैं।
जेडी वेंस का पाक जाना स्पष्ट नहीं
पाकिस्तान में अमेरिका ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस जाएंगे या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। न्यूज एजेंसी AP ने व्हाइट हाउस के हवाले से बताया कि जेडी वेंस इस वार्ता में शामिल होंगे। वहीं अल जजीरा के मुताबिक ट्रम्प ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि सुरक्षा चिंताओं के चलते वेंस इस्लामाबाद नहीं जाएंगे।

ईरान-पाक विदेश मंत्रियों की फोन पर बात
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार के बीच फोन पर बातचीत हुई। अल जजीरा के मुताबिक, दोनों नेताओं ने अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष समेत क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात पर चर्चा की।
ट्रम्प की चेतावनी- ईरान के पास आखिरी मौका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के पास शांति समझौते के लिए यह आखिरी मौका है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि वह पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की तरह वही गलती नहीं दोहराएंगे। ओबामा की सरकार ने 2015 में ईरान के साथ परमाणु समझौता किया था। ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर ईरान इस समझौते पर साइन नहीं करता, तो पूरा देश तबाह कर दिया जाएगा।”
ईरानी राष्ट्रपति बोले- दुश्मन के हमले हताशा की हद
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के हमले हताशा की हद को दिखाते हैं। उन्होंने ईरान की सेना की तारीफ करते हुए कहा कि ईरानी सेना ने बड़ी ताकतों के दबाव और खतरों के बावजूद मजबूती से मुकाबला किया।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, पजशकियन ने आरोप लगाया कि अपने लक्ष्य हासिल न कर पाने के बाद दुश्मन अब स्कूल, अस्पताल, यूनिवर्सिटी और सार्वजनिक जगहों जैसे नागरिक ढांचे को निशाना बना रहे हैं। यह अंतरराष्ट्रीय कानून का साफ उल्लंघन है।
अमेरिकी डेलिगेशन सोमवार को पाक पहुंचेगा
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि पाकिस्तान में दूसरी दौर की बातचीत के लिए अमेरिकी डेलिगेशन सोमवार को इस्लामाबाद पहुंचेगा। मंगलवार को यह वार्ता होना तय है।
व्हाइट हाउस के मुताबिक, अमेरिकी डेलिगेशन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और शांति विशेष दूत जेरेड कुशनर शामिल रहेंगे।
ट्रम्प की चेतावनी: ईरान नहीं माना तो पावर प्लांट-पुल निशाने पर
ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान अमेरिकी प्रस्ताव नहीं मानता तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों को निशाना बना सकता है। रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट कर उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट में गोलीबारी कर सीजफायर का उल्लंघन किया।
उन्होंने लिखा कि होर्मुज बंद कर ईरान करीब 500 मीलियन डॉलर प्रति दिन का नुकसान उठा रहा है, जबकि अमेरिका का कोई नुकसान नहीं है।
अमेरीका-ईरान दूसरी वार्ता के लिए इस्लामाबाद में तैयारी शुरू
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित दूसरे दौर की सीजफायर वार्ता से पहले पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक रविवार को प्रशासन ने सड़कों पर जवान तैनात किए, पर्यटन स्थलों को बंद किया और बड़े होटलों को बुकिंग रद्द कर सुविधाएं खाली रखने का आदेश दिया।
हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में बातचीत के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। मध्यस्थता में शामिल एक क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और अमेरिकी एडवांस सुरक्षा टीमें पहले ही पहुंच चुकी हैं।
ईरान के सेना प्रमुख बोले- आखिरी सांस तक लड़ने को तैयार
ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातेमीने कहा है कि उनकी सेनाएं आखिरी सांस तक दुश्मन का सामना करेंगी। उनकी सेना देश की आजादी, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा के लिए जमीन, हवा और समुद्र हर मोर्चे पर तैयार है और अपनी सैन्य ताकत लगातार बढ़ा रहे हैं।
अल जजीरा के मुताबिक, हातमी ने कहा कि ईरानी सैनिक बलिदान की भावना से प्रेरित हैं और अपने मिशन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
IRGC का दावा- ईरान पहले से ज्यादा तेजी से हथियार तैयार कर रहा
ईरान के एक सैन्य अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद अब देश मिसाइल और ड्रोन लॉन्चर पहले से ज्यादा तेजी से तैयार कर रहा है।
अल जजीरा के मुताबिक, रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर माजिद मौसवी ने कहा कि सीजफायर के दौरान भी उनकी तैयारी की रफ्तार युद्ध से पहले की तुलना में ज्यादा तेज है।
मौसवी ने दावा किया कि, “हम जानते हैं कि दुश्मन खुद ऐसी स्थिति नहीं बना सकता और उसे दूर-दूर से हथियार लाने पड़ रहे हैं।”

रिपोर्ट: अमेरिका होर्मुज में ‘सी रोबोट’ तैनात करेगा
अमेरिकी सेना होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंगों की जांच के लिए समुद्री ड्रोन और दूसरी तकनीक का इस्तेमाल कर रही है ताकि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो सके।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, सेना जल्द शुरुआती स्कैन कर सकती है। इसके बाद अगर कहीं बारूदी सुरंगें मिलती हैं, तो उन्हें नष्ट करने के लिए सी रोबोट भेजे जाएंगे।
अमेरिकी नौसेना के पूर्व वाइस एडमिरल केविन डोनेगन के मुताबिक, “इस इलाके के छोटे हिस्से की जांच कुछ दिनों में की जा सकती है, वो भी बिना चालक वाले पानी के अंदर चलने वाले वाहनों की मदद से।”
लेबनान में दो इजराइली सैनिकों की मौत
इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) के मुताबिक, पिछले दो दिनों में दक्षिण लेबनान में दो इजराइली सैनिक मारे गए हैं। इसके साथ ही मौजूदा संघर्ष में अब तक मारे गए सैनिकों की संख्या लगभग 15 हो गई है।
IDF के अनुसार, 31 साल के सार्जेंट फर्स्ट क्लास लिडोर पोरात शनिवार को मारे गए, जबकि उससे एक दिन पहले सार्जेंट मेजर बराक काल्फोन की मौत हुई थी। इन दो घटनाओं में 12 अन्य सैनिक भी घायल हुए हैं।
ईरान का समर्थक हिजबुल्लाह के हमले के बाद इजराइल लगातार लेबनान पर हमले कर रहा है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 6 हफ्तों में 2000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 7000 घायल हुए हैं।
ईरान का दावा- जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
ईरान की खुफिया एजेंसी ने कहा है कि उसने अमेरिका, इजराइल और ब्रिटेन से जुड़े जासूसी और साजिश नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई दक्षिण-पूर्वी ईरान के केरमान शहर में की गई।
अल जजीरा के मुताबिक, खुफिया जानकारी जुटाने, हथियारबंद संगठन बनाने और अशांति भड़काने के आरोप में 51 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, कई जासूसी नेटवर्क और उनसे जुड़े समूहों की पहचान कर उन्हें खत्म करने का भी दावा किया गया है।
ईरानी राष्ट्रपति बोले- हम सिर्फ आत्मरक्षा कर रहे
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता और सिर्फ आत्मरक्षा में कदम उठा रहा है। उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर हमले करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।
अलजजीरा के मुताबिक राष्ट्रपति पजशकियान ने अमेरिका और इजराइल पर नागरिक ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। साथ ही कहा कि यह मानवाधिकारों पर दोहरे मापदंड दिखाता है।
उन्होंने कहा, “हमने किसी देश पर हमला नहीं किया है और मौजूदा हालात में हमारा किसी पर हमला करने का इरादा भी नहीं है। हम सिर्फ वैध तरीके से अपनी रक्षा कर रहे हैं।”

होर्मुज से 2 और जहाज वापस लौटे
होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही रविवार को लगभग पूरी तरह ठप है। शिप ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, फारस की खाड़ी से बाहर निकल रहे LPG के दो टैंकर बीच रास्ते से ही वापस लौट गए।
CNN के मुताबिक, मेडा और जी समर नाम के ये दो जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। मेडा एक भारतीय कंपनी का जहाज है, जो शनिवार देर रात UAE के पास से निकला था, जबकि जी समर चीन का जहाज है, जो कुवैत से रवाना हुआ था। दोनों जहाज ईरान के लारक द्वीप के पास पहुंचकर वापस मुड़ गए।
जहाजों को ट्रैक करने वाली वेबसाइट मरीनट्रैफिक के अनुसार, फिलहाल कोई भी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजर नहीं रहा है। ईरान के होर्मुज को बंद करने के बाद शनिवार को ईरानी गनबोट्स ने कुछ जहाजों पर फायरिंग भी की थी।
इजराइल ने 150 हिजबुल्लाह आतंकी मार गिराए
इजराइली सेना (IDF) ने कहा है कि सीजफायर लागू होने से पहले 150 से ज्यादा हिजबुल्लाह आतंकियों को मार गिराया। जिनमें हिजबुल्लाह के कमांडर अली रिदा अब्बास भी शामिल हैं।
IDF के मुताबिक, इस दौरान लेबनान के कई इलाकों में करीब 300 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें कमांड सेंटर और हथियारों के गोदाम शामिल थे। सेना ने बताया कि इन हमलों में हिजबुल्लाह के कई कमांडर भी मारे गए।
IDF ने यह भी कहा कि वह इजराइली नागरिकों और सैनिकों के लिए किसी भी खतरे को खत्म करने के लिए वह आगे भी कार्रवाई जारी रखेगा।
सीजफायर शुक्रवार तड़के लागू हुआ था।
ईरान के मुख्य वार्ताकार बोले- हम स्थायी शांति चाहते
ईरान के मुख्य वार्ताकार ने कहा है कि उनका देश स्थायी शांति चाहता है। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर कालिबफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा, “हमारे लिए सबसे बड़ी बात अमेरिका पर भरोसे की कमी है। हमारी नीयत अच्छी है और हम सिर्फ स्थायी शांति चाहते हैं, जिससे फिर से युद्ध की स्थिति पैदा न हो।”
ट्रम्प ने एक घंटे से कम समय में 37 पोस्ट किए
डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक घंटे से भी कम समय में 37 पोस्ट किए। कम समय में इतनी तेजी से की गई पोस्टिंग के कारण उनकी ऑनलाइन एक्टिविटी चर्चा में आ गई है।
हालांकि, इतनी तेज पोस्टिंग के पीछे क्या वजह थी, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इस बीच ईरान की न्यूज एजेंसी IRNA ने इस पर तंज कसते हुए सवाल उठाया कि क्या ट्रम्प को सोशल मीडिया की लत है।
ईरान ने चीनी जहाज को होर्मुज से लौटाया
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर सख्त रुख दिखाते हुए एक चीनी जहाज को वापस लौटा दिया। उसने कहा कि बिना मंजूरी किसी भी जहाज को इस समुद्री रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ईरान के मुताबिक ‘सन प्रोफिट’ नाम के चीनी जहाज को परमिशन नहीं मिलने के बाद रास्ता बदलना पड़ा। ईरान ने साफ किया कि वह किसी भी देश के जहाजों को ‘ब्लैंकेट अप्रूवल’ नहीं देता। हर जहाज को अलग से मंजूरी लेनी होती है।

हूती विद्रोही बोले- हमले हुए तो जवाब देंगे, रेड सी भी निशाने पर
यमन के हूती विद्रोहियों ने साफ कहा है कि अगर उन पर हमला हुआ तो वे जवाब देंगे और इसके लिए वे पूरी तरह तैयार हैं। हूती सरकार के रक्षा मंत्री ने कहा कि उनकी सेना हाई अलर्ट पर है और किसी भी आक्रामक कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि वे रेड सी में समुद्री ट्रैफिक और संवेदनशील ठिकानों को भी निशाना बना सकते हैं, जिससे इस अहम समुद्री मार्ग पर तनाव और बढ़ सकता है।
रिपोर्ट- अगले हफ्ते हो सकती है US-ईरान बातचीत
अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत अगले हफ्ते होने की संभावना है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैठक शुक्रवार से पहले इस्लामाबाद में कराई जा सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर अमेरिका के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमान उतर चुके हैं, जिससे बातचीत की तैयारियों के संकेत मिल रहे हैं।
इस्लामाबाद में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। एयरपोर्ट से रेड जोन तक जाने वाली सड़कों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
वहीं, सेरेना और मैरियट होटल से मेहमानों को हटाया जा रहा है और शुक्रवार तक नई बुकिंग नहीं ली जा रही है। गौरतलब है कि 11 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच पहली बातचीत भी इसी सेरेना होटल में हुई थी।
मिडिल ईस्ट में दो सीजफायर लागू, लेकिन शर्तों पर विवाद
मिडिल ईस्ट में दो बड़े सीजफायर लागू हैं, लेकिन दोनों को लेकर मतभेद बने हुए हैं। पहला सीजफायर अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल से लागू है, जो 22 अप्रैल तक चलेगा।
पाकिस्तान की मध्यस्थता वाले इस समझौते पर विवाद है। पाकिस्तान और ईरान का कहना है कि इसमें लेबनान भी शामिल है, जबकि अमेरिका और इजराइल सहमत नहीं हैं।
दूसरा सीजफायर इजराइल और लेबनान के बीच 16 अप्रैल से लागू है, जो 26 अप्रैल तक चलेगा। इसे अमेरिका ने घोषित किया था और दोनों देशों ने इसका स्वागत किया है।
हिजबुल्लाह ने इसमें शामिल होने की बात कही है, लेकिन शर्त रखी है कि पूरे लेबनान में हमले पूरी तरह बंद हों और इजराइली सेना को कोई छूट न मिले।
इजराइल ने कहा है कि उसकी सेना सीजफायर के बावजूद दक्षिण लेबनान में करीब 10 किलोमीटर अंदर तक तैनात रहेगी।
पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान की संभावित बातचीत से पहले सुरक्षा बढ़ाई
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत से पहले पाकिस्तान ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इस्लामाबाद और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
संवेदनशील इलाकों, खासकर एयरपोर्ट और सैन्य ठिकानों के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही ड्रोन उड़ाने और अन्य गतिविधियों पर पाबंदियां लगाई गई हैं। हालांकि बातचीत की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन पाकिस्तान किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहता है।


लेबनान में सड़कों और पुलों की मरम्मत का काम जारी
लेबनान में जंग के बाद बुनियादी ढांचे को बहाल करने का काम तेज हुआ है। दक्षिण लेबनान में खारदाली-नबातियेह सड़क खोल दी गई है, जबकि बुर्ज रहाल-टायर पुल आंशिक रूप से चालू किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, तयर फलसय-टायर पुल की मरम्मत जारी है, जो लितानी नदी प्राधिकरण के सहयोग से हो रही है।
6 हफ्तों तक चले युद्ध में दक्षिण लेबनान में सड़कों, पुलों और अन्य नागरिक ढांचे को भारी नुकसान हुआ था, जिन्हें अब धीरे-धीरे ठीक किया जा रहा है।
अमेरिका-ईरान बातचीत की टाइमलाइन
- 28 फरवरी: अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद बातचीत टूटी।
- 6 मार्च: ट्रम्प बोले- बिना शर्त सरेंडर के अलावा कोई डील नहीं।
- 21 मार्च: ट्रम्प ने डेडलाइन दी- होर्मुज खोलो, नहीं तो ऊर्जा ठिकानों पर हमला होगा।
- 23 मार्च: ट्रम्प ने अच्छी बातचीत का हवाला देकर डेडलाइन टाली, बाद में और बढ़ाई।
- 7 अप्रैल: ट्रम्प ने चेतावनी दी- स्ट्रेट नहीं खुला तो “पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।”
- 8 अप्रैल: पाकिस्तान की मध्यस्थता में 2 हफ्ते का सीजफायर घोषित।
- 11 अप्रैल: पाकिस्तान में US-ईरान बैठक, 21 घंटे की बातचीत के बाद भी बड़े मुद्दों पर सहमति नहीं।
- 12 अप्रैल: अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी शुरू की।
- 17 अप्रैल: ईरान ने सीजफायर तक होर्मुज खोला; ट्रम्प बोले- नाकेबंदी जारी रहेगी।
- 18 अप्रैल: ईरान ने फिर स्ट्रेट बंद किया; ट्रम्प बोले- ब्लैकमेलिंग नहीं मानेंगे।
कुवैत ने लेबनान में UN शांति सैनिकों पर हमले की निंदा की
लेबनान में UN शांति सैनिकों पर हुए हमले को लेकर कुवैत ने कड़ी निंदा की है। इस हमले में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हुई, जबकि तीन अन्य घायल हुए।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि शांति सैनिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
मंत्रालय ने फ्रांस के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह दक्षिण लेबनान में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए UNIFIL के प्रयासों का समर्थन करता है।
नेतन्याहू के खिलाफ तेल अवीव में प्रदर्शन
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ तेल अवीव में शनिवार रात हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनकी नीतियां देश को अंदर से कमजोर कर रही हैं और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नुकसान पहुंचा रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार की युद्ध नीति पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि लेबनान और ईरान में संघर्ष के फैसले सही नहीं थे।

ट्रम्प बोले- ईरान की ब्लैकमेलिंग नहीं मानेंगे
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान की ब्लैकमेलिंग नहीं मानेगा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दबाव बना रहा है, लेकिन अमेरिका नहीं झुकेगा।
ट्रम्प ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और हालात पर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान के साथ समझौता पूरी तरह नहीं होता, तब तक उसके बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी।

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद किया
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया है। ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) नौसेना ने कहा कि जब तक अमेरिका उसकी नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक यह अहम समुद्री रास्ता बंद रहेगा।
इससे पहले ईरान ने जहाजों को फीस और अनुमति के साथ गुजरने की इजाजत दी थी, लेकिन अब उसने सख्त रुख अपनाते हुए इसे पूरी तरह बंद कर दिया है।
नौसेना ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज इस फैसले का उल्लंघन करेगा, उसे निशाना बनाया जाएगा। ईरान का कहना है कि अमेरिका की नाकेबंदी सीजफायर का उल्लंघन है, जिसके जवाब में यह कदम उठाया गया है।
रिपोर्ट- ट्रम्प ने नुकसान के डर से खार्ग आईलैंड पर ऑपरेशन टाला
ट्रम्प ने ईरान के खार्ग आईलैंड पर प्रस्तावित सैन्य ऑपरेशन टाल दिया था। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें डर था कि इस मिशन में अमेरिकी सैनिकों को भारी नुकसान हो सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रम्प को आशंका थी कि सैनिक सुरक्षित वापस नहीं लौट पाएंगे और वे दुश्मन के लिए आसान निशाना बन सकते हैं। इसी जोखिम को देखते हुए उन्होंने ऑपरेशन को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया।
ईरान का दावा- अमेरिका के 180 ड्रोन और F-35 को निशाना बनाया
ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिका के 180 ड्रोन और एक F-35 फाइटर जेट को निशाना बनाया। संसद स्पीकर गालिबाफ ने कहा कि इस कार्रवाई से दुश्मन को उसकी सैन्य ताकत और तकनीकी क्षमता का अंदाजा हुआ।
गालिबाफ ने कहा कि F-35 को निशाना बनाना एक बार की घटना नहीं, बल्कि उनकी रणनीतिक तैयारी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विमान के पास फटी मिसाइल से दुश्मन को ईरान की ताकत का एहसास हुआ।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि एक F-35 को ऑपरेशन के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी, लेकिन इसे ईरानी हमले से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हिजबुल्लाह ने एकतरफा सीजफायर को खारिज किया
हिजबुल्लाह ने इजराइल के साथ एकतरफा सीजफायर को खारिज कर दिया है। अल जजीरा के मुताबिक संगठन के प्रमुख नईम कासिम ने कहा कि यह समझौता लेबनान के लिए अपमानजनक है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह ऐसे हालात में वापस नहीं जाएगा, जहां इजराइल हमले करता रहे और जवाब न दिया जाए। कासिम ने यह भी कहा कि पिछली बार कूटनीति का इंतजार करने से कोई फायदा नहीं हुआ।
हूती विद्रोहियों ने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने की धमकी दी
यमन के हूती विद्रोहियों ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है। हूती सरकार के उप-विदेश मंत्री हुसैन अल-एज्जी ने कहा कि अगर अमेरिका शांति प्रक्रिया में बाधा डालता रहा, तो संगठन यह कदम उठा सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह स्ट्रेट बंद किया गया, तो इसे दोबारा खोलना आसान नहीं होगा। बाब-अल-मंदेब रेड सी को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और वैश्विक व्यापार, खासकर तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ता माना जाता है।
लेबनान में विस्फोट में इजराइली सैनिक की मौत, 9 घायल
लेबनान में एक विस्फोट में इजराइल का एक रिजर्व सैनिक मारा गया है और 9 अन्य घायल हो गए। दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना की इंजीनियरिंग यूनिट ऑपरेशन कर रही थी। इसी दौरान एक वाहन हिजबुल्लाह द्वारा लगाए गए बम पर चढ़ गया और जोरदार धमाका हुआ।
धमाके की चपेट में आए सैनिकों में 31 साल के लिडोर पोरेट की मौत हो गई। घायलों को हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया और उनके परिवारों को सूचना दी गई।
घटना के तुरंत बाद इजराइली सेना ने इलाके में जवाबी हमले किए। यह घटना लेबनान में जारी सीजफायर के दौरान हुई है। सेना ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
ईरान ने अस्पतालों पर इजराइली-अमेरिकी हमलों का वीडियो जारी किया
ईरान ने अस्पतालों पर हमले को लेकर एक नया वीडियो जारी किया है। भारत में ईरान के दूतावास ने यह वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि अमेरिकी और इजराइली हमलों में अस्पतालों को नुकसान पहुंचा है।
फुटेज में अस्पताल के अंदर और आसपास हुए नुकसान को दिखाया गया है। इससे पहले भी ईरान इस तरह के हमलों के आरोप लगाता रहा है और कुछ वीडियो सामने आ चुके हैं।
ईरानी स्पीकर बोले- अमेरिका, इजराइल के हित में फैसले लेता है
ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह नेशन फर्स्ट की बात करता है, लेकिन फैसले इजराइल के हित में लेता है।
गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका कई बार इजराइल से मिली गलत जानकारी के आधार पर फैसले करता है। उनके मुताबिक, इसी वजह से वह रणनीतिक स्तर पर गलतियां करता है और हालात का सही आकलन नहीं कर पाता।
कमला हैरिस बोली- नेतन्याहू ने ट्रम्प को जंग में खींचा
अमेरिका पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने आरोप लगाया है कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान के साथ जंग में खींच लिया।
डेट्रॉयट में एक कार्यक्रम के दौरान हैरिस ने कहा कि यह ऐसा युद्ध है, जिसे अमेरिकी जनता नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि इस फैसले से अमेरिकी सैनिकों की जान खतरे में पड़ गई है।
ईरानी प्रतिनिधि बोले- भारतीय जहाजों पर हमले की जानकारी नहीं
भारत में ईरान के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा है कि उन्हें होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाजों पर फायरिंग की जानकारी नहीं है।
हैदराबाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के रिश्ते मजबूत हैं और उन्हें उम्मीद है कि मामला जल्द सुलझ जाएगा।
इलाही ने कहा कि ईरान जंग नहीं चाहता और शांति का पक्षधर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दूसरा पक्ष भी शांति बनाए रखने में सहयोग करेगा, ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।
ट्रम्प बोले- इजराइल लड़ना और जीतना जानता है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल की तारीफ करते हुए कहा है कि वह मुश्किल हालात में लड़ना और जीतना जानता है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इजराइल को अमेरिका का महान सहयोगी बताया।
उन्होंने कहा कि चाहे लोग इजराइल को पसंद करें या नहीं, लेकिन उसने खुद को एक मजबूत और भरोसेमंद सहयोगी साबित किया है।
ट्रम्प ने इजराइल को बहादुर, साहसी, वफादार और समझदार बताते हुए कहा कि वह संघर्ष के समय मजबूती से लड़ता है और जीतता है। हालांकि ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि उन्होंने यह बयान किस संदर्भ में दिया।
होर्मुज बंद होने से बांग्लादेश में ईंधन संकट
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का असर बांग्लादेश में साफ दिखने लगा है। देश में ईंधन संकट गहराता जा रहा है, क्योंकि बांग्लादेश अपनी करीब 95% ईंधन जरूरत आयात से पूरी करता है।
पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। ऊर्जा बचाने के लिए सरकार ने विश्वविद्यालय बंद कर दिए हैं और दफ्तरों के काम के घंटे भी घटा दिए हैं।
कॉक्स बाजार में एक बस ड्राइवर को ईंधन भरवाने के लिए करीब साढ़े पांच घंटे इंतजार करना पड़ा, जिससे यात्राएं प्रभावित हो रही हैं। वहीं, ड्राइवरों का कहना है कि हर वाहन को मिलने वाला ईंधन लंबी दूरी के लिए पर्याप्त नहीं है।